मां दुर्गा के प्रमुख मंत्र, जैसे कि सर्वमंगल मांगल्ये, नवार्ण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै), और या देवी सर्वभूतेषु, सुख, समृद्धि और सुरक्षा के लिए अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं। इनका हिंदी में अर्थ और जाप शत्रुओं के नाश, भय मुक्ति और मनोकामना पूर्ण करने के लिए किया जाता है।
माँ दुर्गा के प्रमुख मंत्र हिंदी में:
सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र:
“सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥”
(अर्थ: हे नारायणी! आप सभी शुभ मंगलकारी हैं, कल्याण करने वाली हैं और सब कुछ सिद्ध करने वाली हैं।)
दुर्गा नवार्ण मंत्र:
“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै॥”
(अर्थ: यह मंत्र माता के नौ रूपों को समर्पित है और ज्ञान, शक्ति व समृद्धि प्रदान करता है।)
भय नाशक दुर्गा मंत्र:
“सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तुते॥”
(अर्थ: सब कुछ में व्याप्त, सब कुछ की स्वामिनी, सर्वशक्तिमान देवी, हमें सभी भयों से बचाएं।)
शक्ति रूप मंत्र:
“या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
(अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित हैं, उन्हें नमस्कार!)
बीज मंत्र:
“ॐ दुं दुर्गायै नमः॥”
(अर्थ: माँ दुर्गा का मुख्य बीज मंत्र, जो नकारात्मकता को नष्ट करता है।)
जाप विधि और लाभ:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा करें।
- लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से मंत्र का जाप करना सर्वोत्तम माना जाता है।
- इन मंत्रों के नियमित जाप से जीवन में सुख, शांति और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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